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किसान आंदोलन में गए किसानों का 70 बीघा गन्ने की फसल अज्ञात कारणों से जलकर हुई खाक

खबर वाणी संवाददाता

मुजफ्फरनगर। केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए बिल को लेकर किसान आंदोलन कर रहे हैं लाखों की संख्या में किसान दिल्ली पहुंचकर अब तक सड़के जाम कर चुके हैं लेकिन सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंग रही एक तरफ तो जहां किसान लगातार अपना धरना बिल के विरोध में जारी रखे हुए हैं।

तो वही मुजफ्फरनगर में आंदोलन में गए किसानों की अज्ञात कारणो से 70 बीघा गन्ने की फसल जलकर खाक होने से 21 लाख रुपए का नुकसान हो चुका है अभी तक 70 बीघा फसल जो जलकर राख हुई है उसके कारणों का पता नहीं चल पाया है।

बता दे केंद्र सरकार की तरफ से किसानों के लिए एक अध्यादेश लागू किया गया है जिसके विरोध में लगातार किसान पूरे हिंदुस्तान में चक्का जाम किए हुए हैं उनका कहना है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो इसी तरह से अपना आंदोलन जारी रखा जाएगा।

उत्तर प्रदेश के बागपत में तो कल खाप पंचायत भी हुई जिसमें कई गांव के किसान शामिल रहे किसान आंदोलन में गए किसानों को एक तरफ तो आंदोलन में रहकर घर बार तक छोड़ना पड़ रहा है तो वहीं दूसरी तरफ उनकी फसलें नष्ट हो रही है। मुजफ्फरनगर के गांव सिंभालकी थाना छपार निवासी किसान मांगेराम,मनीराम,राजकुमार, बूटा सिंह,राम सिंह,जीता सिंह,गांधी सिंह,साधु राम,महेंद्र,प्रहलाद सिंह, और इच्छा राम किसान बिल के विरोध में आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली गए हुए हैं इन किसानों की गांव में ही गन्ने की फसल खड़ी थी किसानों ने बताया उनकी 70 बीघा गन्ने की फसल किन्हीं अज्ञात कारणों से जलकर खाक हो गई है।

जिसकी कीमत लगभग 21 लाख बताई जा रही है एक तरफ तो सरकार ने बिल पास कर दिया और दूसरी तरफ किसानों का इतना बड़ा नुकसान जिस कारण इन किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है किसान नरेंद्र सिंह और आजाद सिंह ने बताया कि शाम को 3:00 बजे उनके घर से फोन आया जिस पर बताया गया कि तमाम फसल जलकर खाक हो गई है जिसकी उन्होंने थाना पुलिस से शिकायत भी की है अब देखने वाली बात यह होगी के थाना पुलिस जली फसल में कब तक जांच रिपोर्ट पेश करती है।

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