अस्पताल की बड़ी लापरवाही आई सामने, डॉक्टरों ने ऑपरेशन के नाम पर महिला की निकाल दी बच्चेदानी
पीड़िता ने परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचकर जमकर किया हंगामा, सूचना मिलते ही मौके पर भारी पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट,

खबर वाणी भगत सिंह
मुज़फ्फरनगर। खबर उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर से है जहां एक महिला प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल में पहुंची जहां डॉक्टर द्वारा पीड़ित परिवार को महिला के ऑपरेशन की बात कह कर ऑपरेशन के नाम पर महिला की बच्चेदानी ही निकाल दी गई बताया जा रहा है कि इस ऑपरेशन में जहां जच्चा बच्चा तो स्वस्थ है लेकिन जब पीड़ित महिला को एहसास हुआ तो उसने परिजनों के साथ अस्पताल पहुंच जमकर हंगामा किया है। बताया जा रहा है कि बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे इस अस्पताल में डॉक्टर कोई और है तो वहीं अस्पताल को कोई और चला रहा है अस्पताल के बाहर सैंकड़ों लोगों की भारी भीड़ ने जब हंगामा प्रदर्शन किया तो मामले की सूचना स्थानीय पुलिस के साथ ही आलाधिकारियों तक भी पहुंची जिसके बाद भारी पुलिस फोर्स व् सिटी मजिस्ट्रेट भी पहुंचे और किसी तरह परिजनों को समझा बुझाकर शांत किया तो वहीं शिकायत के बाद कार्यवाही की बात कही है उधर पीड़ित महिला के परिजन पुलिस को तहरीर देकर कार्यवाही की मांग पर अड़े रहे खबर लिखे जाने तक न तो CMO ने ही मोके पर आकर देखा और न ही किसी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी को ही मोके पर भेजा जो क्षेत्र में चर्चाओ का विषय बना हुआ है।
दरअसल पूरा मामला मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र अंतर्गत रुड़की रोड का है जहां देर शाम रुड़की रोड पुलिस चौकी के सामने स्थित एक प्राइवेट हॉस्पिटल के बाहर सैकड़ो की भारी भीड़ ने जमकर हंगामा प्रदर्शन किया है यहां पहुंचे ग्राम धोलरा थाना तितावी निवासी ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि उक्त अस्पताल के डॉक्टर द्वारा एक महिला को प्रसव पीड़ा के दौरान अस्पताल में भर्ती किया था जिसके बाद ऑपरेशन की बात कहते हुए उक्त महिला की बच्चेदानी ही बाहर निकाल दी।
हालाँकि जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ है, लेकिन 30 वर्षीय महिला का तो जीवन ही खराब कर दिया पीड़ित महिला की सास कमलेश ने बताया कि वह लोग तितावी थाना क्षेत्र के गांव धोलरा निवासी हैं और वह अपनी बहू को लेकर पहले क्षेत्र के ब्लॉक पर स्थित स्वास्थ्य केंद्र पर गए थे जहां तैनात एक आशा ने ही उन्हें इस अस्पताल के बारे में बताया था और आशा ही उन्हें इस रुड़की रोड पर स्थित अस्पताल पर लेकर पहुंची थी यहां डॉक्टर ने ऑपरेशन की बात कहते हुए हमारी बहू की बच्चेदानी ही निकाल दी। उसका सारा जीवन ही खराब कर दिया हम इस अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ कार्यवाही चाहते हैं ताकि किसी और के साथ इस तरह का काम ना हो सके।
वही जब इस पूरे मामले में स्थानीय निवासी सचिन त्यागी जो की केमिस्ट एसोसिएशन से भी जुड़े हैं उनसे बातचीत की गई तो उन्होंने साफ तौर पर बताया कि देखिए इस तरह के बिना रजिस्ट्रेशन चलाए जा रहे अस्पतालों में अनट्रेंड डॉक्टर के द्वारा उपचार किए जाते हैं।
मुजफ्फरनगर के जिला चिकित्सालय की 1 किलोमीटर की परिधि में ही इस तरह बिना रजिस्ट्रेशन झोलाछाप डॉक्टरों के अस्पताल धड़ल्ले से चल रहे हैं जबकि नियम है कि कोई भी अस्पताल जहां कहीं भी खुला हुआ होता है वहां बकायदा डॉक्टर के नाम उनके पद और पूरे स्टाफ का पूरा ब्यौरा डिग्री सहित लिखा होता है लेकिन यहां तो एक भी नही है। खबर लिखे जाने तक परिजन अस्पताल कर कार्यवाही की मांग पर अड़े रहे और उन्होंने एक तहरीर लिखकर पुलिस को भी सौंपी है और उक्त अस्पताल पर कार्यवाही की गुहार लगाई है।
महिला को तब एहसास हुआ, तो परिजनों के साथ अस्पताल पहुंचकर जमकर हंगामा किया, लेकिन बड़ा सवाल बिना रजिस्ट्रेशन चलाए जा रहे अस्पतालों पर आखिर सीएमओ क्यों मेहरबान बने बैठे है! सूचना के बाद भी नही पहुंचे मौके पर और न ही भेजी टीम