गाजियाबाद

मात्र 12 घंटे में कैसे छुड़ाया अपहरणकर्ता से सिविल इंजीनियर व उसकी 17 वर्षीय बेटी को जाने क्या है पूरा मामला

लड़की के दोस्त ने ही रची थी बाप बेटी की अपहरण की साजिश

इंदिरापुरम पुलिस टीम को इस सराहनीय कार्य के लिए दिया जाएगा 25 हजार का इनाम :एसएसपी सुधीर सिंह

 

गाजियाबाद :- दीपक शर्मा ने जब से गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम का चार्ज संभाला है तब से अपने गुड वर्क को लेकर काफी सुर्ख़ियों मैं है गाजियाबाद पुलिस को दीपक शर्मा ने अपने नेतृत्व में बड़ी कामयाबी दी है।इंदिरापुरम थाना क्षेत्र से हुए सिविल इंजीनियर व उसकी 17 वर्षीय बेटी अपहरण कर एक करोड़ 30 लाख की अपहरणकर्ता मांगी थी फिरौती जिसे इंदिरापुरम थानाध्यक्ष दीपक शर्मा ने मात्र 12 घंटे में खुलासा करके अपहरणकर्ता अवनीत को गिरफ्तार किया था। इस सराहनीय कार्य की इंदिरापुरम थाना अध्यक्ष दीपक शर्मा की ग़ाज़ियाबाद एसएसपी से लेकर उत्तर प्रदेश के पुलिस मुखिया डीजीपी ओ,पी सिंह ने प्रशंसा की है रविवार को इंदिरापुरम थाना क्षेत्र से सिविल इंजीनियर व उसकी 17 वर्षीय बेटी का बेटी के दोस्त ने अपहरण करके सिविल इंजीनियर के परिजनों से एक करोड़ तीस लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। सिविल इंजीनियर के परिजनों ने इंदिरापुरम पुलिस को अपहरण की सूचना दी।सूचना मिलते ही हरकत में इंदिरापुरम पुलिस ने अपहरण के मात्र 12 घंटे के अंदर ही सिविल इंजीनियर व उसकी 17 वर्षीय बेटी को सकुशल बरामद कर लिया। जानकारी के अनुसार इंदिरापुरम थाना अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि अपहरण के इस आपरेशन को पूरी तरह गोपनीय रखा गया। थानाध्यक्ष दीपक शर्मा पूरे आपरेशऩ पर लगातार नजर बनाए रहे। सर्विलांस से अपहरणकर्ताओं की लोकेशन ट्रेस होती रही। इस मामले में एक अपहरणकर्ता को भी गिरफ्तार किया गया है। उसके कब्जे से एक स्विफ्ट कार, एक पिस्टल, सिविल इंजीनियर की स्कूटी बरामद की गई है।

डीजीपी ओ.पी सिंह करेंगे एसएसपी गाजियाबाद व इंदिरापुरम थाना अध्यक्ष को कमेंडेशन डिक्स से सम्मानित !

डीजीपी ओपी सिंह ने गाजियाबाद एसएसपी सुधीर कुमार व इंदिरापुरम थानाध्यक्ष दीपक शर्मा को कमेंडेशन डिक्स पुरस्कार देकर सम्मानित करने की घोषणा की है। गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना पुलिस ने मात्र 12 घंटे के अंदर सिविल इंजीनियर कुणाल व 17 वर्षीय बेटी को बरामद कर अपहरणकर्ता अवनीत को गिरफ्तार किया है। अपहरणकर्ता ने सिविल इंजीनियर व उसकी 17 वर्षीय बेटी का प्रण कर कर मांगी थी एक करोड़ 30 लाख की फिरौती। इंदिरापुरम थाना अध्यक्ष दीपक शर्मा ने घटना को गोपनीय तरीके से सर्विस लाइंस के माध्यम से अपहरणकर्ता अभिनीत को मात्र 12 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया है इंदिरापुरम थानाध्यक्ष के सराहनीय कार्य को डीजीपी ने गाजियाबाद पुलिस को बधाई दी और साथ ही कमेंडेशन डिक्स पुरस्कार से सम्मानित करने की भी घोषणा की है

इंदिरापुरम में हुई प्रेसवार्ता में एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि वसुंधरा सेक्टर एक में रहने वाले सिविल इंजीनियर कुणाल सैन व उसकी पुत्री स्पलेंडर मोटर साइकिल से घर से वसुंधरा सेक्टर तीन के लिए निकले थे मगर घर नहीं आए। कुछ देर में कुणाल सैन के फोन से उनकी पत्नी को फोन कर बताया गया कि उनके पति और बेटी का अपहरण कर लिया गया और फिरौती के लिए 50 लाख रुपये की मांग की गई। इसी तरह मुंबई में रहने वाली कुणाल सैन की बहन को फोन कर 50 लाख रुपये फिरौती की मांग की गई। यही नहीं कुणाल सैन की एक दूसरी बहन को फोन कर तीस लाख रुपये की मांग की गई।

एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि कुल एक करोड़ तीस लाख रुपये की मांग की गई। घटना की जानकारी मिलते ही इस मामले को परम गोपनीय रखा गया। इंदिरापुरम एसएचओ दीपक शर्मा समेत टीम गठित की गई। सविर्लांस पर फोन नंबर लगाए गए। एसएसपी ने बताया कि पूरे मामले की कमान उन्होंने खुद संभाली। अपहरणकर्ता से बात की गई और उसे बताया कि टोकन मनी के रूप में पांच लाख रुपये दे रहे हैं। बाकी पैसों का इंतजाम किया जा रहा है। अपह्रत कुणाल सैन व उसकी पुत्री को कुछ ना कहा जाए।

एसएसपी ने बताया कि अपहरणकर्ता इसके लिए तैयार हो गया और टोकन मनी लेने के लिए दिल्ली बुलाया गया मगर वह अपनी लोकेशन बदलता रहा। बाद में वसुन्दरा में आधार शिला स्कूल के पीछे पैसे देने की बात तय हुई। बताया गया कि बैग में नकली नोटों की गड्डी रखी गई और बैग में जीपीएस ट्रेकर लगाया गया। पुलिस ने पैसे देने से लिए सादे कपड़ों पुलिस टीम को तैनात कर दिया। पुलिस के जाल में अपहरणकर्ता फंस गया औऱ पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसके पास से पिस्टल मिला। उसकी निशानदेही पर वसुंधरा सेक्टर तीन स्थित अहपहरणकर्ता के मकान से कुणाल सैन व उनकी 17 वर्षीय बेटी को सकुशल मुक्त करा लिया गया। दोनों के मुंह, हाथ, पैरों पर पट्टियां बांधी गई थी ताकि भाग ना सके और शोर न मचा सके।

इंजीनियर की बेटी का परिचित था अपहरणकर्ता

एसएसपी ने बताया कि अपहरणकर्ता का नाम अवनीत सिंह वालिया पुत्र गुरप्रीत सिंह वालिया है। वह इंजीनियर की बेटी का परिचित है। उसकी इंजीनियर की बेटी से मंदिर में पूजा पाठ के दौरान हुई थी दोस्ती इसी के चलते कुणाल सैन के बिजनैस और परिवार व रिश्तदारों की पूरी जानकारी थी। अवनीत खालसा कालेज दिल्ली से बीकॉम कर रहा है।और अपहरणकर्ता  अवनीत के पिता भी एक अच्छे बिजनेसमैन है और जानकारी में पता चला है कि  आरोपी अवनीत अपने पिता से अलग किराए का कमरा लेकर रह रहा था।

फिरौती लेकर कर देता बाप-बेटी की हत्या!

अपहरण के इस खेल में अवनीत सिंह अकेला ही शामिल था और उसने ही अपहरण की साजिश रची थी। चूंकि कुणाल की बेटी उसकी परिचित थी। इसके चलते वह फिरौती के रकम मिलने के बाद बाप-बेटी के साथ अनहोनी करने से भी गुरेज नहीं करता। इस बात की पूरी पूरी संभावना थी।

बरामदगी

पुलिस ने कुणाल सैन व उसकी बेटी की मुक्त कराने के साथ ही अपहर्ता की स्विफ्ट कार, 32 बोर का पिस्टल, पटिट्यां, नशे की गोलिया, टैबलेट, बांधी गईं पट्टियां, जीपीएस ट्रेकर, कोल्ड ड्रिंक, सिगरेट की पैकैट समेत काफी सामान बरामद किया है।

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