5 सितम्बंर की महापंचायत की तैयारी जोरों पर, राजकीय मैदान में लगाया जा रहा है विशालकाय टैंट और स्टेज

खबर वाणी भगत सिंह
मुज़फ्फरनगर। कृषि बिल के विरोध में दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसानो के आंदोलन में जान डालने के लिए सँयुक्त किसान मोर्चे के आह्वाहन पर 5 सितम्बर को उत्तर प्रदेश के जनपद मुज़फ्फरनगर में एक विशाल महापंचायत करने की घोषणा के बाद अब राजकीय मैदान में इसकी तैयारी जोरों पर चल रही है यहां भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में विशाल टैंट और स्टेज बनाने का कार्य जोरो शोरों से चल रहा है, जिसका जायजा लेने आज खुद भारतीय किसान यूनियन के रास्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत यहां पहुंचे और अधिनिस्थ पदाधिकारियों एंव कार्य कर्ताओं को जरुरी दिशा निर्देश दिए है।
मुज़फ्फरनगर किसानो की विभिन्न मांगों को लेकर जहां एक तरफ दिल्ली के बोर्डरों पर संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वाहन पर किसान धरना रत है तो वहीं सरकार पर दबाव बनाने के लिए सँयुक्त किसान मोर्चे ने अपनी पूरी ताकत झोंकते हुए अब 5 सितम्बर को मुज़फ्फरनगर में एक विशाल महापंचायत के आयोजन की बात कही है।
जिसके चलते जनपद मुज़फ्फरनगर के राजकीय इंटर कॉलिज के मैदान में होने वाली इस महापंचायत की तैयारियाँ भी एक हफ़्ते पहले से ही शुरू हो गई है।
इसी क्रम में मँगलवार को भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत महापंचायत स्थल पर हो रही तैयारियों का जायज़ा लेने के लिए खुद पहुँचे है जहां मीडिया से बात करते हुए नरेश टिकैत ने कहा की होने वाली महापंचायत मान सम्मान और स्वाभिमान की पंचायत होगी।
उन्होंने कहा की इस मैदान में इतनी बड़ी तैयारी कभी पहले नहीं हुई है ये पंचायत मान सम्मान और स्वाभिमान की पंचायत है।
और इस महापंचायत के बाद किसान सरकार को सोचने को मजबूर कर देंगे,और इस महापंचायत के बाद शायद कही ना कही बात भी बन ही जायेगी।
नरेश टिकैत की माने तो इस महापंचायत के लिए मुज़फ्फरनगर जनपद का ये मैदान इस लिए चुना है, क्योकि ये किसान आंदोलन की कर्मभूमि है।
बताया जा रहा है,कि इस महापंचायत में लाखो की सँख्या में किसान हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश, पँजाब, उत्तराखंड, और उत्तर प्रदेश के विभिन जनपदों से हिस्सा लेंगे भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत का कहना है कि कुछ सरकार पीछे हटे और कुछ किसान पीछे हटे तो बात बन जाएगी।
वही भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने करनाल में हुए किसानों पर लाठीचार्ज को लेकर कड़ी निंदा की है, उन्होंने कहा की जब किसानो का आंदोलन चल रहा है तो बीजेपी के प्रतिनिधियों को गांव में जाने की क्या जरूरत है।
फिर इनका विरोध होता है और बतमीजी होती है इस पर क्षेत्र के सांसद विधायक गौर करें और उत्तर प्रदेश सरकार से बात करें कि जल्द से जल्द इस मामले का हल निकल जाए।