जिले में COVID 19 की गाइडलाइंस की उड़ाई जा रही धज्जियां, संस्कृतिक आयोजनों में उमड़ी बेहताशा भीड़
सांस्कृतिक आयोजनों में उमड़ी भीड़ में नही हो रहा कोविड 19 का पालन, जिले के अधिकारीयों सहित जनप्रतिनिधि भी बन रहे लापरवाह

खबर वाणी भगत सिंह
मुज़फ्फरनगर। एक तरफ देश भर में कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए जहां केंद्र और राज्य सरकारें गम्भीरता से इसका सामना करने की तैयारियों सहित स्वास्थ्य सम्बंधित दिशा निर्देश जनमानस को समझाने में जुटी हैं और इसके बचाव के उपाय भी बता रहीं है तो वही दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के जनपद मुज़फ्फरनगर में जिले के अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधि खुद कोविड नियमों की धज्जियाँ उड़ाते दिखाई पड़ रहे है यहाँ सांस्कृतिक कार्यक्रमो के आयोजन करते हुए कोरोना गाईड लाईन की खुले आम धज्जियाँ उड़ाई जा रही है।
दरअसल मु०नगर शहर में जिला प्रशासन के द्वारा इनदिनों नुमाईश मेले का आयोजन किया गया है जो की 10 दिसंबर से शुरू होकर 5 जनवरी को समाप्त होगा। इसी के अंतर्गत होने वाले कई सांस्कृतिक कार्यक्रमो सहित मेगा नाईट कार्यक्रम का भी आयोजन यहां राजकीय इंटर कॉलिज के मैदान में कराया जा रहा है जिसमे कोरोना गाईड लाईन की खुलेआम धज्जिया उड़ाई जा रहीं है।
मामला गुरुवार की रात्रि का है जब यहां पंजाबी सिंगर बी प्राक अपनी प्रस्तुति देने के लिए अपनी टीम के साथ पहुँचे थे। लेकिन बी प्राक के चाहने वालो ने कल यहाँ सारे रिकॉड तोड़ डाले और इस कार्यक्रम में पहुँची हज़ारो लोगो भीड़ ने सारी व्यवस्थाओ की धज्जियाँ उड़ा डाली बेहताशा भीड़ को देख ऐसा लग रहा था मानो कोरोना की तीसरी लहर जिले में नही आएगी।
इस कार्यक्रम में पहुँची जनता हो या प्रशासनिक अधिकारी या फिर जिले के जनप्रतिनिधियो में कुछ एक को छोड़कर यहाँ सभी कोविड नियमो की धज्जियाँ उड़ाते साफ नज़र आये। भारी भीड़ से यहाँ के ये हालत पैदा हो गये, की कार्यक्रम में पहुँचे जनप्रतिनिधि भी खुद ही भीड़ को स्टेज के सामने से हटाते नज़र आये, लेकिन मास्क उन्होंने भी नहीं लगाया हुआ था। उधर जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल, एसएसपी अभिषेक यादव और जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह के साथ अन्य अधिकारी भी इस कार्यक्रम में पहुँचे थे।
लेकिन कार्यक्रम में जिलाधिकारी या फिर कुछ अन्य अधिकारी तो मास्क का प्रयोग करते दिखाई पड़े लेकिन एसएसपी साहब और जिला पंचायत अध्यक्ष बगैर मास्क कोरोना के नियमों को ताक पर रखते दिखाई दिए यहीं नही बेहताशा भीड़ में भी 50 फीसदी लोग बिना मास्क के थे। जब जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल से इस बाबत बात की गई ,तो वह अपनी सफाई में ये कहते नजर आये की उन्होंने तो मास्क लगाया हुआ था।
अध्यक्ष जी खुद सभी को कोविड के नियमों का पालन करना चाहिए की बात कहते नजर आये।लेकिन उनकी कथनी और करनी में कितना फर्क है,ये आप खुद ही देख सकते है। ज़रा इन फ़ुटेज को आप भी गौर से देखिये क्या होगा अगर इस हज़ारो की भीड़ में एक भी कोरोना संक्रमित हुआ,तो?सोचिये क्या हालत होंगे जनपद के और क्या इस तरह कोरोना की तीसरी लहर का सामना करेगा यहाँ का जिला प्रशासन।