मुजफ्फरनगर जिले में अधिकारी हुए बेलगाम, भाजपा राज में भाजपाइयों से खाद्य विभाग के ARO ने की बदसलुखी, वीडियो वायरल
UP में शासन के दिशा निर्देश के बाद आखिर क्यों बेलगाम हुए ARO मुजफ्फरनगर

खबर वाणी / भगत सिंह
मुज़फ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में सरकारी अधिकारी/कर्मचारी किस कदर बेलगाम हो गए हैं इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा लीजिए कि जहां भाजपा के पदाधिकारी कार्यकर्ताओं के साथ परिचय होने के बाद भी अधिकारी अभद्रता करने से भी नहीं चूक रहे हैं। खाद्य विभाग अधिकारी द्वारा जमकर अभद्रता की गई जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, वीडियो वायरल होने के बाद मामला जिले के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल के दरबार पहुंच गया।
जब वायरल वीडियो के बारे में राज्यमंत्री से बात की गई तो मंत्री जी ने कहा की मुझे मामला पता चला है, वैसे जिले में कोई अधिकारी बेलगाम नही है। अगर किसी अधिकारी द्वारा भाजपा पदाधिकारी या कार्यकर्ताओ से बदसलूखी की गई तो इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
यहां भाजपा एससी-एसटी प्रकोष्ठ के पदाधिकारी के साथ जिलाधिकारी कार्यालय के सामने खाद्य दफ्तर में खाद्य विभाग अधिकारी द्वारा जमकर अभद्रता का मामला उस वक्त सामने आया है जब भाजपा पदाधिकारी अन्य कार्यकर्ताओं के साथ उनसे मिलने गए थे।
यहां जिलाधिकारी कार्यालय के ठीक सामने क्षेत्रीय खाद्य कार्यालय में ए आर ओ अश्वनी कुमार और भाजपा के पूर्व अनुचित मोर्चा के जिला अध्यक्ष के बीच जमकर तू तू मैं मै हुई है जिसका वीडियो भी जमकर शोशल मिडिया पर वायरल हो रहा है।
जब यह मामला उत्तर प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल के दरबार में पहुंचा तो उन्होंने इस पूरे मामले में जांच पड़ताल कराये जाने की बात कही है।
साथ ही साथ उन्होंने कहा है कि शासन के दिशा निर्देशों के अनुपालन में अधिकारियों को साफ निर्देश है कि सभी से विनम्रता पूर्वक बातचीत करनी चाहिए चाहे वह कोई नेता हो या फिर आम जनता ही क्यों ना हो इस तरह का मामला संज्ञान में आया है इसकी जांच पड़ताल कराएंगे और ईसमें जो भी दोषी होगा उसके विरुद्ध कार्यवाही भी कराएंगे।
वही मामले में पीड़ित राजकुमार सिद्धार्थ का कहना है कि वह रासन की दुकान चलाते है आज खाद्य विभाग के ARO के पास गए थे आज उन्होंने उन्हें अपने दफ्तर में बुलाया था जहां ARO महोदय द्वारा पैसे की मांग की गई।
वहीं कार्यकर्ताओं के सामने भी उनके साथ खुलेआम अभद्रता कर दी गई। पीड़ित का कहना है कि अधिकारी यहां अभद्रता करते हैं मंत्री महोदय के नाम लेने पर भी ज्यादा उग्र हो जाते हैं जो गलत है ऐसा नहीं होना चाहिए।